Rajasthan ka ekikaran kitne charanon mein purn hua

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राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में पूर्ण हुआ

राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 को प्रारंभ हुआ था।

हेलो नमस्कार दोस्तों, आज के हमारे इस न्यू एंड फ्रेश आर्टिकल में आपका बहुत बहुत स्वागत है। आज हम चर्चा करने वाले हैं कि “राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में पूर्ण हुआ?”

दोस्तों अगर आप जानना चाहते हैं किराजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में पूरा हुआ तो आपको हमारी इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य ही पड़ना होगा।

तो चलिए शुरू करते हैं हम आपके समय को बर्बाद नहीं करना चाहते।

अब हम आपको बता देते हैं कि राजस्थान एकीकरण सात चरणों में पूर्ण हुआ था। और उसकी जानकारी हम आपको इस पोस्ट में विस्तार पूर्वक देने वाली है तो आज ही इस पोस्ट में आपको शुरुआत से लेकर अंत तक हमारे साथ बने रहिए।

तो चलिए शुरू करते हैं और राजस्थान की वह साथ एकीकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं जिनको पूर्ण करने के बाद राजस्थान को एक डोर में बांध दिया गया।

राजस्थान के एकीकरण की शुरुआत 18 मार्च 1948 से सी मानी जाती है और उसका अंत 1 नंबर 1956 के साथ में पूर्ण हुआ था।

राजस्थान का एकीकरण ≈>

राजस्थान के एकीकरण से पहले यहां पर तीन ठिकाने –

1. कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)

2. लावा (टोंक)

3. नीमराणा (अलवर)

और एक केंद्र शासित प्रदेश मेरवाड़ा अजमेर था।

1 . राजस्थान के एकीकरण को पूर्ण होने में लगा समय –

राजस्थान के एकीकरण का प्रथम प्रयास 1939 में लॉर्ड लिनलिथगो ने किया था उस समय राजस्थान सबसे प्राचीन रियासत मेरवाड़ा तथा सबसे नवीन रियासत झालावाड़ थी।

और राजस्थान के एकीकरण को संपूर्ण होने में 8 वर्ष 7 माह 14 दिन लगे थे।

2. राजस्थान की जनसंख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से रियासतें –

दोस्तों राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य माना जाता है और क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत जोधपुर और जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत जोधपुर मानी जाती है। और इसके अलावा सबसे छोटी रियासत शाहपुरा भीलवाड़ा थी।

तो चलिए शुरू करते हैं राजस्थान के एकीकरण के बारे में 

पहला चरण ≈> मत्स्य संघ – 18 मार्च 1948

1. उद्घाटन – N. V. गोडगिल

2. रियासतें – (ABCD) अलवर, भरतपुर, करौली और धौलपुर 

3. राज्य प्रमुख – उदय भान सिंह 

4. उपराजप्रमुख – गणेश लाल वासुदेव

5. प्रधानमंत्री – शोभाराम

6. राजधानी – अलवर

मत्स्य संघ को मत्स्य नाम K.M. मुंशी ने दिया था जिस के उपप्रधानमंत्री युगलकिशोर चतुर्वेदी थे जिनको पूर्वी राजस्थान का जवाहरलाल नेहरू कहा जाता है।

दूसरा चरण ≈> पूर्वी राजस्थान – 25 मार्च 1948 

1. उद्घाटन – N. V गोडगिल

2. रियासतें – (trick). कब किस प्रताप ने टोंक में झाड़ू लगाया टोंक में लगाया। यानि कोटा, बूंदी, किशनगढ़, शाहपुरा, प्रतापगढ़, झालावाड़, टोंक, बांसवाड़ा, डूंगरपुर

3. राज्यप्रमुख – भीम सिंह

4. उपराज्यप्रमुख – बहादुर सिंह 

5. प्रधानमंत्री गुलाल – गोकुललाल आसवा

6. राजधानी – कोटा

तीसरा चरण ≈> संयुक्त राजस्थान – 18 अप्रैल 1948

1. उद्घाटन – जवाहरलाल नेहरू ने कोटा में

2. रियासतें – पूर्वी राजस्थान + उदयपुर, किशनगढ़, बूंदी

3. राज्यप्रमुख – भूपाल सिंह

4. उपराज्यप्रमुख – भीम सिंह

5. प्रधानमंत्री – माणिक्य लाल वर्मा

6. राजधानी – उदयपुर

चतुर्थ चरण ≈> वृहद राजस्थान – 30 मार्च 1949

1. उद्घाटन – सरदार बल्लभ भाई पटेल जयपुर में

2. रियासतें – संयुक्त राजस्थान + जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर 

3. राज्यप्रमुख – मानसिंह द्वितीय

4. उपराज्यप्रमुख – भूपाल सिंह 

5. प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री

6. राजधानी – जयपुर

पांचवा चरण ≈> संयुक्त बृहद राजस्थान – 15 मई 1949

1. रियासतें – वृहद राजस्थान + संयुक्त राजस्थान + मत्स्य संघ

2. राज्यप्रमुख – मानसिंह द्वितीय

3. उपराज्यप्रमुख – भूपाल सिंह

4. प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री

शंकर देव राय समिति के आधार पर वृहद राजस्थान में मत्स्य संघ को मिलाया गया।

छठवां चरण ≈> राजस्थान संघ – 26 जनवरी 1950

1. रियासतें – संयुक्त बृहद राजस्थान सिरोही + आबू + देलवाड़ा को छोड़कर।

2. राज्यप्रमुख – मानसिंह द्वितीय 

3. महाराजप्रमुख – भूपाल सिंह

सातवां चरण ≈> वर्तमान राजस्थान – 1 नवंबर 1956

1. रियासतें – राजस्थान संघ + अजमेर (मेरवाड़ा)। + आबू + दिलवाड़ा + सुनेल टप्पा 

2. राज्यपाल – गुरुमुख निहाल सिंह 

3. मुख्यमंत्री – मोहनलाल सुखाड़िया

तो दोस्तों लीजिए इस तरीके से हमारा राजस्थान का एकीकरण पूर्ण हुआ।

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Conclusion : 

दोस्तों अब हम उम्मीद करते हैं कि आपका राजस्थान के एकीकरण से संबंधित कोई भी सवाल नहीं रहा होगा अगर आपको इससे संबंधित कोई सवाल पूछना है तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं अब हम आपसे उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख राजस्थान का एकीकरण पसंद आया होगा अगर पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों को शेयर करें ताकि वह भी राजस्थान के एकीकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें।

Thank you!🙏

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